पिलर

मैं एक शहर के एक अपार्टमेंट के बेसमेंट मैं बैठा हूँ। ऐसी जगहों पर अमूमन आदमी या तो गाड़ी पार्क करने आता है या शराब गांजा पीने… Read more “पिलर”

तितली

दरवाजे को जोर से पीटते हुए दिवाकर घर से बाहर निकल गया. अन्दर घर के एक कमरें में स्नेहलता बिस्तर पर यु ही पड़ी रही. जब दिवाकर… Read more “तितली”

हत्या के दिन की डायरी एंट्री

डियर डायरी मैं अगर किसी दिन किसी की हत्या कर के आऊं तो शायद मैं हत्या वाली बात तुमसे साझा न कर पाऊं। हालांकि, मेरे ख्याल से… Read more “हत्या के दिन की डायरी एंट्री”

गुम होती जमीन और शराब

उसने उम्मीदों से अपनी अंगुलियाँ गिनी. उसकी दो अंगुलियाँ कम थी. उसने उम्मीदों को ढेर सारी गाली दी और चूल्हे पर चावल पकने के लिए चढ़ा दिया.… Read more “गुम होती जमीन और शराब”