उजाला

दुनिया की सबसे झूठी लड़की जब सपने में आती है तो शहर से दूर खाली पड़े जमीनों में पत्थरों के बीज जिंदा हो जाते है। ये वो पत्थर होते है जिन्हें सपनों की दुनिया से दूर रहने वाली सच्ची लड़कियां कागज पर अपने प्रेमी का नाम लिखने के बाद इन पत्थरों से लपेट कर कहीं दूर फेंक देती है। इन कागजों पर चिपका प्रेम इन पत्थरों को जिंदा कर देता है। ये पत्थर धीरे-धीरे अंकुरित होते है और दीवार की शक्लों में उगने लगते है। ये पत्थर किसी शहद में डूबे वायलिन की आवाज को चूमते हुए आहिस्ता आहिस्ता इमारतों, घरो और सड़कों के रूप में उगते है। धीर-धीरे जब रात की गीली खामोशी करवटें बदलती है तब इनमे अपनी ज़िंदगी से उकता गए लोग यहाँ डेरा जमाते हैं। इन सड़कों पर गाड़ियाँ नशे में झूमती हुई चलती है। लोग इन गाड़ियों से ठोकर लगने के बाद जब मरते हैं तो ख़ुद को गाली देकर बहुत देर तक हँसते है।

आहिस्ता-आहिस्ता उग रही इन इमारतों के किसी कोने में वो भी है। वो सपने वाली लड़की। वो दुनिया की सबसे झूठी लड़की। दुनिया की सबसे झूठी लड़की खिड़की को चूम कर कोई गीत गुनगुनाती है। दुनिया का सबसे बदसूरत लड़का उस अंधेरे सपने में कहानियाँ लिखता है। उसे शायद नही पता की अंधेरे में लिखी जाने वाली कहानियों के किरदारों को अँधेरा पसंद नही है। पर उस झूठी लड़की को पता है की कहानियों के बीच अंधेरे कितने डरावने होते हैं शायद इसलिए दुनिया की सबसे झूठी खिड़की से हाथ बढा एक तारा चुरा कर चूम लेती है। लड़की जलती है और कमरे में ढेर सारा उजाला फैल जाता है।

लड़का उस रौशनी मे दुनिया की सबसे उजली कहानी लिख देना चाहता है और लिखता रहता है। लड़की कहानी से अँधेरा दूर कर देना चाहती है इसलिए मोमबत्ती की तरह जलती रहती है। लड़का लड़की को खोना नही चाहता है इसलिए मोमबत्ती बनी उस लड़की से थोड़ा सा मोम चुराकर अपनी जेब में रख लेता है। उसे अब यक़ीन है की अब उसकी जेबें पैसों से भर जाएँगी पर उसकी जेबें चिल्लाती हैं। तुम्हारी कहानी में अब भी अँधेरा है। तुम्हारी कहानी में अब भी अँधेरा है। उस शोर में इतनी तपिश होती है की दुनिया के सबसे बदसूरत लड़के की जेब जलने लगती है। वो चींखता है। बहुत ज़ोर से चिल्लाता है। उसका सपना टूट जाता है।

दुनिया के सबसे बदसूरत लड़के के कमरे में एक झूठी लड़की की एक तस्वीर है। मेज़ पर एक अधूरी लिखी किताब है। अख़बार का एक पुराना पन्ना है जिसमें किसी शहर के जलने की बात लिखी गयी है और एक आइना है जिसमें सिर्फ़ जले हुए चेहरे दिखते हैं।

Advertisements

One thought on “उजाला

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s