नौकरी 2.0

इस दुनिया मे चाहे कुछ भी हो जाये ये दुनिया बढ़ती रहती है. चलती रहती है. कहीं न्यूक्लियर बम फट जाए, जमीन धंस जाए, समंदर में सैलाब आ जाए, ये दुनिया भला कहीं रुकी है। थोड़ी देर का मातम, अफ़सोस, रोना पीटना, कोसना और उसके बाद सब शांत. दुनिया फिर से शुरू.

उस दिन शहर के एक बड़े इमारत के एक कमरे में एक लड़की एक कमीज में बटन लगा रही थी. उसके चश्में के पीछे उसकी बड़ी बड़ी आंखों की पुतलियां कभी छोटी कभी बड़ी हो रहीं थी. वो कमीज में बटन लगाने में इस तरह से मशगूल थी जैसे कमीज पहनने वाला शख्श उसके लिए इस दुनिया का आखिरी आदमी हो. वो बटन के एक छेद में सुई पिरोकर दूसरे छेद से निकालने की एक अलौकिक प्रक्रिया में लीन थी. उसे इस बात का अंदाजा नहीं था की उसके सुई को बटन के एक छेद से दुसरे छेद में डालने के बीच का समय बहुत धीमा हो गया है. इतना धीमा कि कोई बाहर हो रही बारिश की हर बूँद को आसमान से जमीन पर गिरता देख सकें. इतना धीमा की कोई इंसान सामने से आ रही बेलगाम गाड़ी के रूप में अपनी खुद की मौत को मुस्कुराते हुए अलविदा कहने का वक्त निकाल पाए. इतना धीमा की कोई कोई अपने जीवन की आखिरी सांस की आवाज को धुन बनाकर एक लम्बी कविता लिख सकें.

उसके सुई को बटन के एक छेद से दुसरे छेद में डालने तक के बीच के समय के अंदर के समय में कहीं दूर एक दुनिया में वक्त बहुत ही सामान्य था. वो कई घंटों से एक कैफे में बैठा नौकरी के बारे मे सोच रहा था. उस कैफे में उस दिन दुनिया हर रोज की तरह सामान्य रूप से चल रही थी. कई टेबलों पर प्रेमी जोड़े बैठ कर ब्रेकअप और उब का पहला अध्याय शुरू कर रहे थे. कुछ लोग उसी की तरह ही अकेले बैठकर किताब पढ़ रहें थे. उसके पास किताब नहीं थी. उसके हाथ में उसके सर्टिफिकेट वाला एक बैग था, जिसे देखकर वो हमेशा निराश हो जाता था. उसने कॉफ़ी खत्म कर दी थी और दूसरी कॉफ़ी लेने के लिए उठा ही था की कैफे में एक लड़की घबराते हुई घुसी. वो पूरी तरह से भीगी हुई थी. बाहर तेज बारिश हो रही थी, वो शायद बारिश से बचने के लिए अन्दर आई थी. वो कॉफ़ी लेने के लिए उठा तो था लेकिन लड़की को देखकर फिर से बैठ गया. कुछ बात थी उस लड़की में जो उसे औरों से अलग कर रही थी. उसके सर पर बारिश हो रही थी और वो इस छत वाले जगह पर भी भीग रही थी. वो अपने दुनिया में इतना अजीब हो चला था की उसे इस तरह के अजीब चीजें हमेसा दिखती थी. वो अपनी जगह से उठा और लड़की के सामने वाली कुर्सी पर बैठ गया. लड़की मेज से सर टिकाकर लेती थी. मेज पर उसके बाल बिखरे थे और चेहरा इन्हीं बालों के बीच छिपा हुआ था. वो कुछ देर तक बिना कुछ कहे लड़की के सर पर हो रही बारिश को देखता रहा. कुछ देर बाद उसने बात करने की कोशिश की.

“हेल्लो”
“हेल्लो, कहिये क्या बात है”
“ये आपके सर पर बारिश क्यों हो रही है”
“मैं इस दुनिया की नहीं हूँ”
“किस दुनिया की हैं”
“मैं एक दूसरी दुनिया की देवकन्या हूँ। हमारी दुनिया में देवकन्याएँ रो नहीं सकती इसलिए मैं यहाँ रोने चली आई हूँ। हम देवकन्याएँ  रोती हैं तब बारिश होती है,  दुनिया में भी और हमारे सर पर   भी”
“मुझे इस दुनिया में कोई नौकरी नहीं मिली, आप अपनी दुनिया में मुझे कोई नौकरी दिला सकती हैं क्या. कोई भी नौकरी कर लूंगा”
“ठीक  है, हमारी दुनिया में नौकरी की एक जगह खाली है, मेरे साथ चलो मैं तुम्हारी सिफारिश करुँगी”

ये हमेशा जरुरी नहीं की लंबा सफ़र ट्रेन, प्लेन, पानी के जहाज, बस इत्यादि से ही हो. कुछ सफ़र यूँ ही पलक झपकते ही तेज रौशनी के अचानक से बुझने के दरमियाँ ही खत्म हो जाते है. उसने जब उस देवकन्या का हाथ थामा तब उसकी आँखों में अचानक से हजारों सूरज की रौशनी घर कर गयी. और जब कुछ ही पलों में ये सूरज बूझें तब वो किसी अनजान जगह की एक इमारत के एक बड़े से हॉल की कुर्सी में बैठा था. उस जगह वो देवकन्या भी थी एक आदमी से मेरी तरफ इशारा कर के किसी अजीब सी लेकिन बहुत ही अद्भुत भाषा में बात कर रही थी. उसका चेहरा अब भी उसके गीले बालों से ढंका था. वो इन काले बालों के पीछे खूबसूरत चेहरे को मन ही मन अपनी आँखों से छूने की कोशीश कर रहा था. उसका ध्यान उस देवकन्या के होठों से निकले इन शब्दों से टूटा

“अपने सर्टिफिकेट अपनी आईडी लाये हो”
“जी, ये   रहा” उसने अपने बैग से निकाले कुछ कागजों को उसकी तरफ बढाते हुए कहा
“एक हफ्ते तक लगातार काम करना होगा, किसी भी वक्त काम करना पड़ सकता है” उसके इतना कहने के बाद उसके हाथों में पड़े वो सर्टिफिकेट खुद ब खुद जल गए. जैसे कोई काला जादू हुआ हो.
“मुझे करना क्या होगा”
“तुम्हे   यमदूत की नौकरी मिली है”
“क्या”
“चौंको नहीं,  ये देवताओं की दुनिया है. हम इसी दुनिया से तुम्हारी दुनिया को संचालित  करते है. तुम्हारी दुनिया के सारे प्रेत हमारे यहाँ नौकरी करते हैं. उनका काम ही है तुम्हारी दुनिया में प्रेत की भूमिका अदा करना.  तुम्हारी दुनिया  का विज्ञान जिन चीजों को सुलझा नहीं पाता. फिलहाल तुम्हें एक यमदूत की नौकरी मिली है. यहाँ बायीं तरफ जो कमरा हैं वहां  तुम्हें अजराइल45678 मिलेगा वो तुम्हें सब बता देगा. पहला   काम तुम्हें आज ही करना. वहां तुम्हें कपडे मिल जायेंगे.

उसके लिए ये दुनिया की सबसे अजीब नौकरी थी. लेकिन वो खुश था. क्यूंकि उसके पास अब एक नौकरी थी. आज उसकी नौकरी का पहला दिन था. अजराइल45678 ने उसे यमदूत की नौकरी के बारे में जो जरूरी ट्रेनिंग थी वो दे दी थी. कैसे कब किसकी जान निकालनी है. कैसे निकालनी है. कैसे भावनाओं पर काबू रखना है. अजराइल45678 ने उसे चेतावनी भी दी थी की अगर वो किसी की जान निकालते वक्त थोड़ा भी भावनात्मक हुआ तो उसकी नौकरी चली जायेगी और सजा के तौर पर 100 साल उसे उसी जगह पर प्रेत बने रहना होगा जहाँ वो भावनात्मक होगा.

वो अब इस नौकरी के लिए तैयार हो चुका था. उसने अजराइल45678 का हाथ थामा और उसकी आँखों के सामने एक घना अन्धेरा छा गया. वो अन्धेरा बहुत घना था. इतना घना अन्धेरा उसने तब महसूस किया था जब रिया की आँखों   से दो आंसू उसके आँखों पर गिरे थे. ये अन्धेरा घना तो था पर पल भर  में खत्म हो गया. अन्धेरा छंटने पर जब उसकी आँखें खुली तब उसने खुद  को एक कमरे में पाया. कमरा जाना पहचाना सा था. कमरे के बीचो बीच फर्श पर लगे बिस्तर पर एक लड़की सो रही थी. उसके दायीं तरफ एक जाने पहचानी सी कमीज थी. उसने उस कमीज को ध्यान से देखा. उस कमीज में 3 नए बटन लगे थे. कमीज को देखकर वो थोड़ा मुस्कुराया फिर बिस्तर पर पड़ी लड़की को देखकर वो उदास हो गया. वो दहाड़े मार कर रोना चाहता पर उसने अपनी भावनाओं पर काबू किया. अजराइल45678 ने उसे इशारे से लड़की की जान निकालने को कहा. वो रिया की तरफ आगे बढ़ा ही था की रिया की नींद    खुल गयी.

“तुम आ गए. बहुत देर कर दी. नौकरी मिली. मिल ही गयी होगी. तुम अगर चाह जाओगे तो क्या हासिल नहीं कर पाओगे. ये नौकरी तो बहुत   छोटी चीज है. सुनो मैंने तुम्हारे कमीज में बटन टांक दिए हैं. कल तुम्हारे नौकरी का पहला दिन है न…..
“मैं तुम्हें लेने आया हूँ रिया.”
“हाँ, तो मैं तैयार ही हूँ. चलो चलते हैं.

उस समय इस दुनिया के के दूर किसी कोने में बज रहे किसी रेडियो से एक गाने की आवाज आ रही थी.
तू बिन बताये, मुझे ले चल कहीं
जहाँ तू मुस्कुराये मेरी मंजिल वहीँ

उसने अपने हाथ आगे बढ़ाये और रिया को अपने करीब ले आया. फर्श पर सो रही लडकी अभी तक  सो ही रही थी.

“अब तो कभी छोड़ कर नहीं जाओगे न” रिया ने रोनी सी वजा में उस से पूछा
“नहीं” इतना कहते ही  उसकी आँखों से आंसू का एक कतरा उसके गालो को चुमते  हुए फर्श की धुल में घुल गया.

रिया चिल्लाती रही. अजराइल45678 उसे उसके हाथों से छीनते हुए कहीं गायब हो  गया. दुनिया में  कोई ऐसी नौकरी नहीं कोई ऐसा दफ्तर नही था जहाँ से उसे निकाला न गया हो.

आज शहर के इस इमारत की तरफ कोई परिन्दा भी पर नहीं मारता. कहते हैं की इस इमारत की छत पर एक लड़के का भूत रहता है जो फॉर्मल कपड़े पहने, गले में टाई लगाये, हाथों में कागजातों के फाइल लिए कहता फिरता है “सर नौकरी के लिए आया था”.

PHOTO: Marten Bjork

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